आखिर क्यों राजनीति के विदूषक बनते जा रहे हैं राहुल गाँधी

बचपन के दिनों में गणित विषय के एक प्रश्न ने न जाने कितने ही छात्रों  के दिमाग को चकरघिन्नी की तरह घुमाया होगा। और वो प्रश्न था : 
एक बंदर बिजली के एक चिकने खंबे पर एक मिनट में 4 फिट ऊपर चढ़ता है और दूसरे मिनट में 3.5 फिट नीचे फिसल जाता है, अगर खंबे की ऊँचाई 42 फिट है तो बंदर को खंबे पर चढ़ने में कितना समय लगेगा ?  
वार्तमान समय में यह प्रश्न राहुल गांधी के संदर्भ में पूछा जा सकता है। आखिर राहुल गाँधी नेता कब बन पाएंगे? क्योंकि जहाँ कांग्रेस उन्हें नेता बनाने के लिए ज़ोर लगा रही है वे जोकर (विदूषक) बनते जा रहे है। पिछले कई सालों से राहुल गाँधी को नेता बनाने में कांग्रेस ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, ये बात सर्वविदित है। कई पी॰ आर॰ एजेंसियों ने राहुल गाँधी की इमेज ग्रूमिंग का जिम्मा लिया हुआ है। खुद कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी राहुल के कैरियर सँवारने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाया हुआ है। लेकिन इन सबों के बावजूद राहुल गाँधी ने मानों सबों को गलत और फ़ेल साबित करने का ठान लिया है। 
इतने सारे सामूहिक प्रयासों के बावजूद वो नेता बन पाये या नहीं ये तो वक़्त बताएगा लेकिन, राजनीति के विदूषक के रूप में वो ख़ासी ख्याति पाते जा रहे हैं। 


अभी हाल ही में उनके भाषण  का एक वीडियो सोशल मीडिया में बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमे वो बता रहे हैं कि, कोका कोला कंपनी का मालिक पहले अमरीका में शिकंजी बेचता था, मैक-डोनाल्ड कंपनी का मालिक पहले ढाबा चलाता था, तथा फोर्ड और मर्सिडीज कंपनियों के मालिक भी पहले मैकेनिक थे। 
राहुल गाँधी वहाँ उपस्थित लोगों को बताना छह रहे हैं कि ये सारे लोग सफल हो गए क्योंकि अमरीका कि सरकारों ने इन लोगों कि प्रतिभा का सम्मान करते हुये उन्हें हरसंभव मदद की। और भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार में ऐसा संभव नहीं हो रहा क्योंकि नरेंद्र मोदी योग्य और प्रतिभाशाली लोगों की मदद नहीं करना चाहते बल्कि ये तो उन्हें पीछे धकेलने में यकीन करते हैं। 



इस वीडियो के वायरल होते ही राहुल का मज़ाक उड़ाने की तो मानो होड़ सी लग गई सोशल मीडिया में। देश ही नहीं विदेशों में भी हर कोई अपने-अपने तरीके से इस भाषण पर मज़े लेता हुआ दिखा। लेकिन, इस मज़े लेने की होड़ में शायद लोगों ने उन गंभीर आरोपों को ही नज़रअंदाज़ कर दिया जो राहुल गाँधी ने वर्तमान सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए। वैसे तो राहुल की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता किन्तु इस वीडियो को ध्यान से देखने-सुनने के बाद एक बात तो निश्चित रूप से साबित हो जाती है कि या तो राहुल पूरे देश को मूर्ख समझते हैं या फिर वे स्वयं महामूर्ख हैं। 

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